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केंद्रीय कोटे से कम बिजली मिलने का खामियाजा: उत्तर-पूर्वी बिहार के नौ जिलों में मांग से कम हुई आपूर्ति, छह जिलों में घंटों तक लोडशेडिंग

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पटना18 मिनट पहले

कॉपी लिंकबिजली कटौती की वजह से पटना के एक पूजा पंडाल के बाहर छाया अंधेरा। - Dainik Bhaskar

बिजली कटौती की वजह से पटना के एक पूजा पंडाल के बाहर छाया अंधेरा।

नवरात्र के जश्न और उत्साह के बीच बिहार में बिजली संकट शुरू हो गया है। बिहार को केंद्रीय कोटे से मिलने वाले बिजली की आपूर्ति में भारी कटौती हुई है। इसकी वजह से छोटे शहरों में बिजली संकट अभी से दिखाई देने लगा है। बिहार के आधा दर्जन से अधिक जिलों में घंटों तक लोड-शेडिंग हो रही है।

6500 की जगह 5700 मेगावाट (MW) हुई आपूर्तिदेश में बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है और उसका असर अब बिहार पर भी दिखने लगा है। ज्यादा असर उत्तर बिहार में देखने को मिल रहा है। यहां के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में कई घंटे बिजली बाधित रही। विभाग से मिल रही जानकारी के मुताबिक सहरसा को 50 की जगह 35 MW; मधेपुरा को 100 के बदले 80 M; कटिहार को 120 के बदले 100 MW; किशनगंज को 60 के बदले 20 MW; पूर्णिया को 150 के बदले 110 MW; लखीसराय को 25 के बदले 20 MW; खगड़िया को 40 के बदले 15 MW; मुंगेर को 90 के बदले 70 MW; बांका को 100 के बदले 75 MW बिजली मिली है।

जिन जिलों में घंटों लोडशेडिंग हुई है, उसमें औरंगाबाद , बक्सर, सारण, गोपालगंज, गया और जहानाबाद शामिल हैं। त्योहार के इस समय में बिहार को 6500 मेगावाट बिजली की जरूरत है, लेकिन उपलब्धता केवल 5700 मेगावाट है। इसमें से 3200 मेगावाट बिजली केन्द्रीय कोटे से मिली है और 1500 मेगावाट बिजली राज्य सरकार ने खुले बाजार से खरीद कर आपूर्ति की है।

मुख्यमंत्री ने कहा था बिहार में बिजली आपूर्ति रहेगी बहाल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते सोमवार को जनता दरबार के दौरान कहा था कि बिहार में बिजली संकट से निपटने की तैयारी की गई है। खुले बाजार से बिजली खरीदकर राज्य की जरूरत को पूरा किया जाएगा। बता दें कि देश में बिजली संकट की वजह कोयले की कमी बताया जा रहा है। देश में करीब 72 फीसदी बिजली की मांग कोयले की तैयार की गई बिजली से पूरी होती है। बीते कुछ महीनों से कोयले की घरेलू कीमतों और अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि देश में कोयले का आयात प्रभावित हुआ है और बिजली का उत्पादन कम हो गया है।

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